
घर के सभी बड़े-बुजुर्गों को सम्मान देना,
उनका आशीर्वाद पाना;
छोटों को प्यार देना
सभी के साथ अच्छा बर्ताव करना
सुबह-शाम भगवान की पूजा-पाठ करना;
घर में किसी को भी कभी कोई अपशब्द मत बोलना .........'
तभी पत्नी उठी और दरवाजा खोल कर चिल्लाई -
"सब अंदर आ जाओ, सत्संग चल रहा है."
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